721>|| एक कहानी सुनो ||
721>|| एक कहानी सुनो ||
एक गोरीब आनपड़ लेरका सोचा मुखियाजी के पिताजी बहुत धोनी आदमी ,
उन्होंने इतना धोनी और मै इतना गरीब।
अगर मुझे पता चले, उन्होंने कैसे इतना धन कमाया, तो मै भी उतना धन कमा पाउँगा।
तो एकदिन उन्होंने मुखिया जीके पिताजीके पास गया ,ओरne पूछा चाचा जी आप मुझे
बताइयेगा कैसे रुपया कमाया मि जाता।
लेरका का प्रश्न शुनकर मुखियाके पिताजी बोले देखो बीटा धन कमानेके लिये चाहिए
बुद्धि ओर लगोंन। बुद्धि ओर धर्ज से ही पायसा कमाया जाता है।
अगर तुम लगन से कोई काम करो तो ईश्वर जरूर अपकी मदत करेंगे।
घरमे आकार लेरका सोचने लगा ,सोचते सोचते रात बीत गये। उन्होंने रातका खाना
खाने भूल गए थे। सबेरे उठकर देखा उनका खाना जहापर था उहा पर हजारो तेलचट्टा
खाना के ऊपर भिरे हुए हैं। लेरकाने स्प्रे करके सारे तेलचट्टा को मारदिया, फिर उन्होंने
सारे तेलचट्टा को एक पेकेटमें लेकर बहार रोड की डस्टबिन में फेकने चोला।
एक गोरीब आनपड़ लेरका सोचा मुखियाजी के पिताजी बहुत धोनी आदमी ,
उन्होंने इतना धोनी और मै इतना गरीब।
अगर मुझे पता चले, उन्होंने कैसे इतना धन कमाया, तो मै भी उतना धन कमा पाउँगा।
तो एकदिन उन्होंने मुखिया जीके पिताजीके पास गया ,ओरne पूछा चाचा जी आप मुझे
बताइयेगा कैसे रुपया कमाया मि जाता।
लेरका का प्रश्न शुनकर मुखियाके पिताजी बोले देखो बीटा धन कमानेके लिये चाहिए
बुद्धि ओर लगोंन। बुद्धि ओर धर्ज से ही पायसा कमाया जाता है।
अगर तुम लगन से कोई काम करो तो ईश्वर जरूर अपकी मदत करेंगे।
घरमे आकार लेरका सोचने लगा ,सोचते सोचते रात बीत गये। उन्होंने रातका खाना
खाने भूल गए थे। सबेरे उठकर देखा उनका खाना जहापर था उहा पर हजारो तेलचट्टा
खाना के ऊपर भिरे हुए हैं। लेरकाने स्प्रे करके सारे तेलचट्टा को मारदिया, फिर उन्होंने
सारे तेलचट्टा को एक पेकेटमें लेकर बहार रोड की डस्टबिन में फेकने चोला।
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